Driving Licence New Rule अगर आप भी ट्रैफिक सिग्नल तोड़कर निकल जाते हैं या नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर देते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए सड़क पर छोटी-छोटी लापरवाहियों की अब बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है भारत सरकार अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नेगेटिव प्वाइंट सिस्टम लागू करने जा रही है इस नई व्यवस्था के तहत यदि कोई व्यक्ति बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस को सस्पेंड या कैंसिल किया जा सकता है।
क्या है नेगेटिव प्वाइंट सिस्टम
नेगेटिव प्वाइंट सिस्टम एक ऐसा प्रस्तावित नियम है जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ड्राइवर के लाइसेंस पर अंक (points) काटे जाएंगे हर बार नियम तोड़ने पर एक निश्चित संख्या में नेगेटिव प्वाइंट जुड़ेगा अगर ये प्वाइंट एक तय सीमा से ज्यादा हो गए, तो ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित (Suspend) या रद्द (Cancel) किया जा सकता है।
यह नियम पहले से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों में लागू है और सड़क सुरक्षा के लिहाज से यह काफी कारगर साबित हुआ है अब भारत भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
किन नियमों के उल्लंघन पर मिलेंगे नेगेटिव प्वाइंट्स
सरकार ने ड्राइविंग से जुड़े कई ऐसे नियम तय किए हैं जिनके उल्लंघन पर नेगेटिव प्वाइंट्स मिल सकते हैं इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- रेड लाइट जम्प करना
- बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के गाड़ी चलाना
- ओवर स्पीडिंग
- मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइव करना
- शराब पीकर वाहन चलाना
- गलत दिशा में वाहन चलाना
- ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर वाहन रोकना
- स्कूल बसों के पास तेज गति से वाहन चलाना
हर उल्लंघन पर अलग-अलग प्वाइंट्स निर्धारित किए जाएंगे जैसे गंभीर अपराधों पर 5–10 नेगेटिव प्वाइंट मिल सकते हैं, जबकि हल्के नियम उल्लंघन पर 1–2 प्वाइंट जुड़ेंगे।
ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल होने की प्रक्रिया क्या होगी
जैसे ही किसी व्यक्ति के लाइसेंस पर नेगेटिव प्वाइंट्स की संख्या तय सीमा (जैसे 12 या 15 पॉइंट्स) को पार कर जाती है, तो उसका लाइसेंस पहले सस्पेंड किया जाएगा इसके बाद अगर नियम तोड़ने का सिलसिला जारी रहा, तो लाइसेंस को पूरी तरह रद्द किया जा सकता है।
साथ ही, ड्राइवर को री-टेस्ट या फ्रेश ड्राइविंग ट्रेनिंग लेने की शर्त भी लगाई जा सकती है, जिसके बाद ही दोबारा लाइसेंस बनवाने की इजाजत मिलेगी।
क्या मिलेगा सुधार का मौका
सरकार इस नियम को लागू करते समय ड्राइवरों को सुधार का मौका भी देने पर विचार कर रही है यानी अगर कोई ड्राइवर कुछ महीनों तक नियमों का पालन करता है, तो उसके पुराने नेगेटिव प्वाइंट्स धीरे-धीरे घटाए जा सकते हैं साथ ही, ड्राइविंग ट्रेनिंग या सड़क सुरक्षा वर्कशॉप में भाग लेने वालों को भी पॉइंट्स घटाने का अवसर मिल सकता है।
कब से लागू होगा नया नियम
इस नेगेटिव प्वाइंट सिस्टम को लेकर फिलहाल केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ विचार-विमर्श शुरू कर दिया है जल्दी ही इसका ड्राफ्ट जारी किया जाएगा और ट्रायल बेसिस पर कुछ राज्यों में इसे लागू किया जा सकता है एक बार प्रणाली सफल रही तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा इसके लिए एक सेंट्रल डिजिटल पोर्टल भी बनाया जाएगा, जहां लोग अपने नेगेटिव प्वाइंट्स की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे।
सड़क सुरक्षा में आएगा बड़ा बदलाव
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं इनमें से अधिकतर हादसे लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं नेगेटिव प्वाइंट सिस्टम लागू होने से ड्राइवरों की जिम्मेदारी बढ़ेगी और लोग नियमों को गंभीरता से लेंगे इससे दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और सड़कें ज्यादा सुरक्षित बनेंगी।
निष्कर्ष: अब लापरवाही नहीं, जिम्मेदारी से चलाएं वाहन
अगर आप भी वाहन चलाते हैं, तो अब समय आ गया है कि हर ट्रैफिक नियम का पालन गंभीरता से करें यह सिर्फ आपके लाइसेंस को बचाने के लिए नहीं, बल्कि खुद और दूसरों की जान की हिफाजत के लिए जरूरी है नेगेटिव प्वाइंट सिस्टम लागू होने के बाद लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।